सभी निजी क्लिनिकों और नर्सिंग होम के संचालन की दी जाए अनुमति: डॉ. आर. एन. सिंह



गोरखपुर। देश को कोरोना वायरस के खतरे से सबसे पहले आगाह करने वाले गोरखपुर के मशहूर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर. एन. सिंह ने भारत सरकार से सभी निजी क्लिनिकों और नर्सिंग होम के संचालन की अनुमति दिए जाने की मांग की है।

‘ख़बर अब तक’ से बातचीत करते हुए मशहूर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर. एन. सिंह ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक करीब 80 प्रतिशत जनता की सेहत व जीवन की सुरक्षा का एक मात्र विकल्प प्राइवेट हेल्थ सेक्टर ही है। ऐसे में सरकार को हर हाल में कुछ शर्तो के साथ निजी क्लिनिकों और नर्सिंग होम के संचालन की अनुमति दे देनी चाहिए। डॉ. आर. एन. सिंह ने कहा कि अस्पतालों का बोझ कम करने और अनमोल मानव जिंदगियां बचाने के लिए निजी क्लिनिकों और नर्सिंग होम का खुलना अत्यन्त आवश्यक है।

2 thoughts on “सभी निजी क्लिनिकों और नर्सिंग होम के संचालन की दी जाए अनुमति: डॉ. आर. एन. सिंह”

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    करोना एक भयावह वैश्विक त्रासदी है। सभी देश इससे तबाह हो रहे हैं।भारत भी इससे त्रस्त है व लाकडाउन के तीसरे फेज में है। पर करोना के अलावा हजारों अन्य घातक रोग भी आम जन को त्रस्त किये हुए हैं उनपर लाकडाउन नहीं किया जा सका है। सोशल डिस्टेंसिं व परसनल प्रपोटेकशन सहित इंफेकशन कंट्रोल पर कड़ाई से ब्यवहार में लाते हुए निजी चिकित्सा झेत्र को
    इलाज करने की इजाजत मिलनी चाहिये। मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल पर भी संवेदनशीलता से काम करना होगा। विदित हो कि अस्सी प्रतिशत से ऊपर कुल रोगी प्राइवेट सेक्टर में ही इलाज कराते हैं जो आजकल अधिकांश बंद हैं।
    जनहानि चाहे करोना से हो या किसी अन्य रोग से किसी हालत में ठीक नहीं।
    डा आर एन सिंह
    मिशन सेव इन इंडिया,
    ११ अप्रैल, गोरखपुर

  • http://डा%20आर%20एन%20सिंह

    हर नागरिक को स्वस्थ व जीवित रहने का अधिकार है।संविधान का आर्टिकल २१ यही कहता है। निजी चिकित्सक समुदाय लगभग देश के लगभग अस्सी प्रतिशत सम्मानित नागरिकों की
    चिकित्सकीय सेवा करता है। करोना कहरकाल में भी तमाम बीमारियां मरीज के लिये परेशानी का सबब बनी हुईं हैं। इलाज में देर होने से ये असाध्य होंगी व तमाम जिंदगियां खतरे में पड़ेंगी।इस कारण करोना से बचाव के सख्त मानकों को पूरा कराते हुए निजी झेत्र के चिकित्सकीय प्रतिष्ढानों को काम करने की अनुमति प्रदान करना जरूरी है।
    सादर,
    डा आर एन सिंह,
    मिशन सेव इन इंडिया,
    गोरखपुर,
    ११ अप्रैल, २०

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