हां मैने तय किया है अब मैं चुप नहीं रहूंगी..

कनकलता/एस.के.भारद्वाज। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर से महज 8 किलोमीटर दूर भौवापार की रहने वाली महिला शिक्षिका मधुसूधा चौबे की कहानी जानकर आप अंदर तक हिल जायेगें। गोरखपुर के एक प्राइवेट स्कूल में वतौर शिक्षिका काम करने वाली मधुसूधा चौबे अपने ऊपर हुए जुल्म की दास्तान बताते-बताते बिलख-बिलख कर रोने लगती है। मधुसूधा कहती है कि मेरे पति ने मेरी जिंदगी तबाह कर दी। मुझे इतनी यातनाएं दी गई कि सोचकर मेरा रूह कांप जाता है। उसने अपने हवस को पूरा करने के लिए कई जिंदगियां बर्बाद कर दी। फिर कोई और मधु उसका शिकार न हो जाए इसलिए मैने तय किया है कि अब मैं चुप नहीं रहूंगी..

ajay pandey file Photo copy

 

 

दरअसल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बेलीपार थाना क्षेत्र स्थित भौवापार गांव के रहने वाले शिवशंकर चौबे ने 7 मई 2014 को अपनी बेटी मधुसूधा की शादी खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र स्थित बनियाबारी के अजय पांडे से की। मधुसूधा बताती है कि शादी के 3 दिन बाद से ही उसे पूरे घर की साफ-सफाई से लेकर खाना बनाने और खिलाने तक का जिम्मा सौंप दिया गया। 14 मई को मधुसूधा अपने कमरे की सफाई कर रही थी उसी दौरान मिले एक फोटोग्राफ्स ने मधु को बेसुध कर दिया। मधु ने रात में अजय को यह फोटोग्राफ्स दिखाया और इस बावत जब जानकारी लेनी चाही तो अजय आग बबूला हो गया। अजय ने मधु को बताया कि वह पहले से शादीशुदा है लेकिन वह अपनी पहली पत्नी को छोड़ चुका है। मधुसूधा बताती है कि उस दिन अजय के उग्र रूप को देखकर वह काफी डर गई थी। अजय ने हिदायत दी थी कि यह बात अपने घर वालों को अभी मत बताना। संयोगवश 15 मई की सुबह हालचाल जानने के लिए बड़ी बहन का फोन आ गया और बातचीत के दौरान मधु ने अजय की पहली शादी के बारे में बहन को बता दिया।

ajay & madhuजैसे ही मधु के परिजनों को अजय के बारे में जानकारी हुई वे काफी आहत हुए। मधु के पिता ने फोन पर इस बारे में अजय के मां-बाप और बड़े भाई से बात की। इस बातचीत के बाद से ही अजय का पूरा परिवार मधु के खिलाफ हो गया। अजय के साथ-साथ उसका पूरा परिवार मधु को प्रताड़ित करने लगा। मधु कहती है कि मेरे पति, जेठ-जेठानी और सास-ससुर ने मेरे साथ जो किया वह देश के किसी भी बेटी के साथ न हो। अपने उपर हुए जुल्म की कहानी बताते-बताते मधु फूट-फूट कर रोने लगती है। मधु बताती है कि मेरे पति के कई ऐसे कारनामे हैं जो मै शायद किसी से कह भी नहीं सकती। उन लोगों ने मुझे कई बार मारने का भी प्रयास किया। मुझे आत्महत्या के लिए उकसाते रहे। 29 मई 2014 की घटना का जिक्र करते हुए मधु सहम जाती है। मधु बताती है कि 29 मई को मुझे मेरे पति अजय पांडे और जेठ-जेठानी ने खूब मारा-पीटा। मारपीट कर जबरन एक सादे कागज और डायरी में मुझसे लिखवाया गया कि “मेरे अवैध संबंध जीजा से हैं. मेरी मौत के जिम्मेदार जीजा होगें. इससे मेरे पति और परिवार का कोई वास्ता नहीं है.” मधु बताती है कि सुसाइड नोट लिखवाने के बाद ये लोग मुझे मारना चाहते थे मै इनके सामने रोने-गिड़गिड़ाने लगी। मै बोली कि आप लोग एक बार मेरे मम्मी-पापा से मिलवा दिजिए मै खुद जहर खाकर जान दे दूंगी इससे दोनो परिवारों की इज्जत बच जायेगी। 2 जून को अजय मधु को लेकर उसके मायके भौवापार आया और गांव के बाहर छोड़कर फरार हो गया।

मधु बताती है कि मेरे मम्मी-पापा और भाई मुझे लेकर गोरखपुर महिला थाने गये वहां हम लोग अजय और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराना चाहते थे लेकिन उल्टे मेरा दोष देकर मुझे और मेरे मम्मी-पापा और भाई को वहां से जलील कर भगा दिया गया। 21 अक्टूबर 2014 को कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में अजय और उसके परिजनों के खिलाफ मुकद्मा दर्ज हुआ। मुकद्मा दर्ज होने के बाद अजय के कई रिश्तेदार हमारे घर आए और समझौते का दबाव बनाने लगे। 29 नवंबर 2014 को अजय खुद अपने रिश्तेदारों के साथ मेरे घर आया और माफी मांगने लगा। गांव के कुछ लोगों के सुझाव के बाद 30 नवंबर 2014 को मेरे मम्मी-पापा ने मुझे अजय के साथ बिदा कर दिया। महज दो दिन बाद ही ससुराल वालों ने मुझसे मुकद्मा वापस लेने की बात कही। इस बारे में जब मैने अपने पिताजी से बातचीत की तो उन्होने सलाह दी कि कम से कम 1-2 महीने रूक जाओ सब ठीकठाक रहेगा तो मुकद्मा वापस ले लिया जायेगा। मधु बताती है कि जब यह बात मैने अजय को बताई तो उसने मेरा मोबाइल तोड़ दिया और जेठ-जेठानी तथा सास-ससुर के सामने मुझे खूब जलील किया। मधु का कहना है 18 जनवरी 2015 को इन लोगों ने मुझे मारने के लिए हैंडपंप मे बिजली का तार लगा दिया। जैसे ही मैं हैंडपंप से पानी भरने गई और बिजली का झटका लगा उसी समय संयोगवश बिजली कट गई और मै बच गई। 19 जनवरी की भोर में मधु किसी तरह से घर से भाग कर खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची और एक ट्रेन में बैठकर अपने पिताजी के पास नरकटियागंज चली गई। मधु बताती है कि 5 दिसम्बर 2014 से लेकर 18 जनवरी 2015 तक मेरे पति, जेठ-जेठानी और सास-ससुर ने मेरे साथ जो किया वह देश के किसी भी बेटी के साथ न हो। इस दौरान इन लोगों ने जमकर मेरा उत्पीड़न किया। मेरा पति जेठ-जेठानी और सास-ससुर के सामने मेरे साथ इस तरह का कुकर्म करता था कि मै उसे किसी से बता भी नहीं सकती हूं।

मधु की ओर से गोरखपुर परिवार न्यायालय में भी अजय के खिलाफ एक केस दायर किया गया है। इस बीच 5 दिन पहले यानि कि 15 जुलाई 2017 को अजय के एक रिश्तेदार ने फोन कर मधु को बताया कि अजय ने एक और शादी कर ली है। मधु का कहना है कि जब मैने इस शादी के बारे में पता किया तो मै अचंभित रह गई। अजय पांडे ने तीसरी शादी जिस लड़की से की है वह रिश्ते में बेटी है। मधु के मुताबिक अजय ने जिस लड़की से शादी की है वह मुझे मौसी कहती थी और अजय को मौसा कहती थी। अजय उसे बेटी कह के बुलाता था। मधु का कहना है कि अजय ने कई जिंदगियां बर्बाद कर दी लेकिन अब मैं हार मानने वाली नहीं हूं। अब मैं अजय के हर कारनामें को समाज के सामने लाना चाहती हूं ताकि वह किसी और मधु को अपना शिकार न बना सके।

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