..इतनी सख्ती के बाद भी गोरखपुर में हो गया महाघोटाला



बी.के.सिंह/संधीर शर्मा। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर लेखपाल तक गोरखपुर में धान खरीद की पहरेदारी कर रहे थे उसके बाद भी इतना बड़ा घपला-घोटाला हो जाना अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करता है। ‘ख़बर अब तक’ के खुलासे के बाद अब तो लोग भी यह कहने लगे हैं कि इतना बड़ा घपला-घोटाला बिना अफसरों की रजामंदी के नहीं हो सकता। इस पूरे मामले में अब तक हमारी टीम ने जिले के 7 बहुचर्चित गाँवों अहिरौली, खुटहन खास, हेमधापुर, गौनर, अवधपुर, चौरी, जंगल रसूलपुर नं02 के करीब 2 हजार से भी ज्यादा किसानों को लेकर अपनी पड़ताल की है। इन 2 हजार किसानों में 1500 से ज्यादा किसान खोजने पर भी नहीं मिल रहे हैं जो मिले भी तो उनका दावा है कि उनके घर बहुत मुश्किल से खाने भर का अनाज पैदा हुआ है। कुछ ऐसे किसान भी मिले हैं जिनके खेत में एक भी दाना धान पैदा नहीं हुआ हालांकि उनके नाम पर भी सैकड़ों कुंतल धान बेचा गया है। इस पूरे मामले में जैसे-जैसे ‘ख़बर अब तक’ की पड़ताल आगे बढ़ रही है कई और चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। फिलहाल ‘ख़बर अब तक’ की पूरी टीम ने यह तय किया है कि इस घपले-घोटाले में शामिल खाद्यान्न माफियाओं और उनके सहयोगी अफसरों को हर हाल में बेनकाब किया जायेगा।

सीएम की सख्ती के बाद भी हो गया महाघोटाला..
यूपी में धान खरीद को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुरू से ही बेहद गंभीर थे। अक्टूबर महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया था कि धान खरीद में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने धान खरीद में गड़बड़ी करने वाले हर सख्स को गिरफ्तार कर जेल भेजने का भी निर्देश दिया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तो यहां तक कह दिया था कि किसानों का धान समय से खरीद हो और उन्हे उसका उचित मूल्य मिले ये जिम्मेदारी जिलाधिकारी की होगी। इसके साथ ही धान खरीद में गड़बड़ी होने पर जिलाधिकारियों पर भी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री के इतना सख्त होने के बाद भी उनके कर्मभूमि गोरखपुर में इतना बड़ा घपला-घोटाला हो गया और इसकी भनक किसी भी अफसर को नहीं लगी। हो सकता है कि कुछ अफसरों को गुमराह कर दिया गया हो लेकिन ऐसा नहीं हो सकता कि सभी अफसर इससे अनजान थे। फिलहाल पूरा सच जांच के बाद ही सामने आ पायेगा।

महराज जी छोड़ेगें नहीं किसी को..
धान खरीद में हुए इस घपले और घोटाले का सच जानने के लिए जब ‘ख़बर अब तक’ की टीम इन गाँवों में गई तो वहां पर यह सब कुछ जानने के बाद लोगों का सिर्फ यही कहना था कि यह तो गजब हो गया.. महराज जी छोड़ेगें नहीं किसी को। इस दौरान कई ऐसे लोग भी मिले जिनका दावा था कि उनके पास खेत भी है और उनके खेत में धान भी पैदा हुआ है लेकिन वे क्रय केन्द्र पर दौड़ते रह गये और उनका धान आज तक नहीं बिका। दरअसल गोरखपुर और आस-पास के इलाके में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को लोग ‘महराज जी’ ही कहते हैं। लोगों को अपने ‘महराज जी’ पर गजब का विश्वास है। समय-समय पर ‘महराज जी’ यानि की यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों के इस विश्वास को हकीकत में भी बदल कर दिखाया है। यही कारण है कि इस मामले में भी लोग बड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *