अंडा-चिकन का क्या है कोरोना कनेक्शन देखिये ‘ख़बर अब तक’ की एक्सक्लूसिव पड़ताल



बी.के. सिंह। कोरोना वायरस की वजह देश भर के लोग खौफ में है। देश का हर ब्यक्ति कोरोना को लेकर काफी सतर्क है। हालांकि कोरोना वायरस का कहर जैसे-जैसे बढ़ रहा बहुत से ऐसे लोग हैं जो मालामाल हो रहे हैं वहीं दूसरी तरफ कोरोना की वजह से कुछ ऐसे लोग भी हैं जो कंगाल हो रहे हैं। सोशल मीडिया, न्यूज चैनल और अख़बार के माध्यम से लगातार लोगों तक यह संदेश पहुचाया जा रहा है कि अंडा या चिकन खाने से कोरोना नहीं फैलता। इसके बाद भी अंडा और चिकन खाने वाले लोगों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रहा है।

दरअसल ‘ख़बर अब तक’ की टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि आखिर सब कुछ जानने के बाद भी लोग अंडा-चिकन खाने से परहेज क्यों कर रहे हैं? इसका असल सच जानने के लिए हमारी टीम ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 100 से ज्यादा लोगों से मुलाकात की। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें से अधिकतर लोगों को टीवी चैनल और अख़बार के माध्यम से यह मालूम हो गया है कि अंडा-चिकन खाने का कोरोना से कोई संबंध नहीं है इसके बाद भी लोग अंडा-चिकन खाने से परहेज कर रहे हैं।

मेडिकल प्रोफेशनल संगीता गुप्ता का कहना है कि जनवरी के पहले सप्ताह में उनको तथा उनके परिवार वालों को कोरोना के बारे में पता चला। उसके करीब एक सप्ताह बाद संगीता गुप्ता के परिवार ने चिकन और अंडा खाना बंद कर दिया। संगीता गुप्ता ने बताया कि पहले उनके परिवार में सप्ताह में कम से कम दो दिन चिकन जरूर बनता था और बच्चे तो अंडा लगातार खाते थे लेकिन अब सब बंद है। हालांकि संगीता गुप्ता ने बताया मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ा होने के चलते उन्हे मालूम है कि अंडा या चिकन खाने का कोरोना से कोई संबंध नहीं है। यह पूछे जाने पर कि आखिर क्यों वह अंडा-चिकन खाने से परहेज कर रही हैं संगीता का कहना था कि पता नहीं क्यों चिकन और अंडा को लेकर मन में एक अजीब सा डर है।

नर्सिंग स्टूडेन्ट कामिनी, मोनिका, यासमीन, पूजा, अंजलि और जेसिका ने बताया कि उन्हे मालूम है अंडा या चिकन खाने से कोरोना वायरस के फैलने का कोई खतरा नहीं है उसके बाद भी वे अंडा और चिकन खाने से परहेज कर रही हैं। यह पूछे जाने पर कि जब खतरा नहीं है तो वे खाने से परहेज क्यों कर रही हैं उनका कहना था कि पता नहीं क्यों मन में अंडा या चिकन का नाम सुनते ही एक अजीब सा फीलिंग हो रहा है और खाने की इच्छा भी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ ज्योति बाला, शोभा, रूबी, और जुबेदा का कहना था कि घर वालों के कहने पर उन्होने अंडा और चिकन खाना छोड़ दिया है।

प्राकृतिक चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े अशोक चतुर्वेदी और बैजनाथ प्रजापति ने ‘खबर अब तक’ से बातचीत में बताया कि कोरोना वायरस के डर से लोगों ने मांस-मछली खाना छोड़ दिया है। उनके साथ-साथ बहुत से ऐसे लोग हैं जो अंडा-चिकन खाते थे लेकिन अब नहीं खा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हे यह मालूम है अंडा या चिकन खाने से कोरोना नहीं फैलता उनका कहना था कि यह तो रोज अख़बारों में और टीवी पर आ रहा है और लगभग सब लोग जान भी गये हैं इसके बाद भी लोग डर की वजह से मांस-मछली-मुर्गा नहीं खा रहे हैं। अशोक चतुर्वेदी का कहना था कि वे शाकाहारी हैं लेकिन घर में बच्चे अंडा और चिकन खाते थे फिलहाल बंद है।

गोरखपुर के अली नगर में एक चिकन शाप पर खड़े प्रकाश ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं और इस समय मुर्गे का रेट कम होने से बहुत खुश हैं। प्रकाश का कहना था कि तीन साल से मुर्गा बहुत महंगा बिक रहा था लेकिन इस समय रेट बहुत अच्छा है और वह रोज खा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हे यह पता है कि मुर्गा इतना सस्ता क्यों है इस पर प्रकाश का कहना था कि इससे हमको कोई मतलब नहीं है सस्ता हुआ है तो इसका लाभ उठा रहा हूं। इसके अलावा ‘ख़बर अब तक’ की टीम ने तमाम लोगों से इस पर बातचीत किया है। हालांकि कुछ लोगों ने नाम प्रकाशित न करने का आग्रह किया है इसलिए उनका नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा है। इसके साथ-साथ सभी लोगों का नाम प्रकाशित करना भी संभव नहीं है। हमारी टीम ने करीब 100 से ज्यादा लोगों से बातचीत की है। इस बातचीत से यह निष्कर्ष निकला है कि करीब 90 फीसदी से ज्यादा लोगों को यह मालूम है अंडा या चिकन खाने से कोरोना का कोई संबंध नहीं है उसके बाद भी लोग अंडा-चिकन खाने से परहेज कर रहे हैं।

फिलहाल आप हमारी यह खास रिपोर्ट देखिये और जानिए कि क्यों लोग सब कुछ जानने के बाद भी अंडा-चिकन खाने से परहेज कर रहे हैं..

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