तहसील से चल रहा था सीलिंग की जमीन के खरीद-बिक्री का नेटवर्क, सब रजिस्ट्रार गिरफ्तार



Gorakhpur News | उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में भू माफियाओं के साथ मिलकर तहसील के अधिकारी और कर्मचारी सीलिंग की जमीन के खरीद-बिक्री का नेटवर्क चला रहे थे। गोरखपुर पुलिस की जांच में अब इसका पूरा सच सामने आ गया है। जांच में पता चला है कि ठगी का पूरा नेटवर्क चौरीचौरा तहसील से चलाया जा रहा था और इसमें कुछ अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक शामिल हैं। फिलहाल, पुलिस ने भू माफिया नेटवर्क में शामिल चौरीचौरा के सब रजिस्ट्रार चंद्रशेखर शाही को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि एक पूर्व तहसीलदार व लेखपाल भी इस नेटवर्क के हिस्सा थे जिसको लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने चार सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित कर दी है। यह जांच कमेटी इस मामले की विभागीय जांच कर बहुत जल्द रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। इस जांच कमेटी में एडीएम फाइनेंस, एआईजी स्टांप सहित चार लोगों को शामिल किया गया है। सब रजिस्ट्रार चंद्रशेखर शाही की गिरफ्तारी के बाद चौरीचौरा तहसील में हड़कंप मच गया है। चंद्रशेखर शाही का विवादों से पुराना नाता रहा है। वह अनियमितता के आरोप में पहले भी बर्खास्त हो चुका है। फिलहाल सब रजिस्ट्रार चंद्रशेखर शाही की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

ऐसे सामने आया सीलिंग की जमीन के खरीद-बिक्री करने वाले गिरोह का सच

दरअसल गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र का रहने वाला भू-माफिया कमलेश यादव वर्तमान समय में गोरखपुर जेल में बंद है। कमलेश पर पर कुल 36 मुकदमे दर्ज हैं जिसमें से 29 मुकदमे सिर्फ एम्स थाने में ही दर्ज हैं। कमलेश और उसके गिरोह के साथियों ने कई लोगों को सीलिंग की जमीन बेच दी है। इसके अलावा कई ऐसे भी मामले सामने आए जिसमें दूसरे की जमीन जालसाजी करके किसी और को रजिस्ट्री कर दी गई है। इस गिरोह ने बड़ी संख्या में लोगों को भूमि दिलाने के नाम पर चूना लगाया है। कमलेश यादव की जालसाजी से जुड़े मामलों की जांच में पुलिस को पता चला कि सब रजिस्ट्रार चंद्रशेखर शाही ने कमलेश से जुड़ी रजिस्ट्री की जांच में गड़बड़ी छिपा ली थी। कमलेश से जुड़ी रजिस्ट्री में किसी दस्तावेज तक को चेक नहीं किया जाता था। यही वजह थी कि कमलेश यादव आसानी से फर्जीवाड़ा करता रहा। जांच के दौरान पुलिस ने जब इस पर सब रजिस्ट्रार से जवाब मांगा तो वह संतोष जनक जवाब नहीं दे पाये। जिसके बाद गोरखपुर पुलिस ने सब रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि सीलिंग की जमीनों को इन्हीं ने बैनामा किया था। कई मामले में खारिज दाखिल भी हो चुका है।

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