आरटीओ व रजिस्ट्री विभाग में ऐसे चल रहा था बड़ा खेल, 12 अधिकारी-कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का केस



गोरखपुर जिले के आरटीओ और रजिस्ट्री विभाग में दलालों तथा कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों के सहयोग से भ्रष्टाचार का बड़ा खेल चल रहा था। फिलहाल जिलाधिकारी विजय किरन आनंद की गोपनीय जांच में पुष्टि होने के बाद आरटीओ और उप निबंधक कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों समेत 12 के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि बाहरी लोगों की मदद से दोनों विभागों में वसूली का बड़ा खेल चल रहा था। इस मामले में एक आरोपी विजय मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी विजय मिश्रा गुलरिहा के जंगल एकला नंबर दो का मूल निवासी है। आरोप है कि ये आरटीओ दफ्तर में वसूली कर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का काम करता था।

ख़बरों के मुताबिक, आरटीओ और उप निबंधक कार्यालय से लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें जिला प्रशासन के पास आ रही थीं। शिकायत के बाद जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने गोपनीय जांच कराई। इसमें कुछ जगहों पर सबूत के लिए स्टिंग भी कराया गया। इस जांच में कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा दलालों के माध्यम से रुपये लेने की बात सामने आई। गोपनीय जांच में सामने आया कि हर रजिस्ट्री में रजिस्ट्री कराने वालों से जमीन की सरकारी कीमत का एक से डेढ़ फीसदी तक कमीशन लिया जाता था। न दिए जाने पर रजिस्ट्री में जानबूझ कर आपत्ति लगा दी जाती थी। ऐसे ही जमीन की यथास्थिति बदल कर स्टांप चोरी के मामले में भी कर्मचारियों और अफसरों का नाम आया है। बताया जा रहा है कि इससे करोड़ों की राजस्व क्षति हुई है। वहीं दूसरी तरफ आरटीओ दफ्तर में लाइसेंस बनवाने के नाम पर आम लोगों से रुपये वसूले जाते थे। इसके अलावा वाहनों के फिटनेस बनवाने के नाम पर भी वसूली की जाती थी। जांच में मामला खुलने के बाद केस दर्ज हुआ है।

जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के मुताबिक रजिस्ट्री और आरटीओ कार्यालय में विभिन्न कार्यों के लिए दलालों के माध्यम से धन उगाही की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। योजना बनाकर मामले की जांच कराई गई। बाकायदा लेनदेन की वीडियो भी बनाई गई है। पुलिस की मदद से दलालों और अधिकारियों की बातचीत की टैपिंग भी कराई गई है। भ्रष्टाचार में दलालों के अलावा दोनों विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की संलिप्तता के भी ठोस सबूत मिले हैं। रजिस्ट्री विभाग में सात और आरटीओ में पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। सभी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर कर कड़ी कार्रवाई के लिए एसएसपी से कहा है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई हो रही है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि एक आरोपी विजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें लगा दी गई है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। इस मामले में शाहपुर थाने में तहसीलदार वीरेंद्र कुमार की तहरीर पर अर्जुन व अज्ञात आरटीओ अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। वहीं, कैंट थाने में उप निबंधक केके तिवारी, विजय मिश्रा, अशोक उपाध्याय, जितेंद्र जायसवाल, राजेश्वर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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